सतर्क इसरो ने जीसैट-11 की लांचिंग टाली, सैटेलाइट को वापस भारत मंगाया गया

सतर्क इसरो ने जीसैट-11 की लांचिंग टाली, सैटेलाइट को वापस भारत मंगाया गया

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने अपने अत्याधुनिक कम्युनिकेशन सैटेलाइट जीसैट-11 को लांच करने का कार्यक्रम टाल दिया है। ऐसा सतर्कता के चलते अतिरिक्त तकनीक परीक्षण के लिहाज से किया गया है। इसरो चेयरमैन के सिवन ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि जल मार्ग से सैटेलाइट वापस भारत लाया जा रहा है। मार्च में जीसैट-6 ए लांच होने के बाद लापता होने के कारण इसरो इस बार लांचिंग से पहले सभी मामलों में संतुष्ट होना चाहता है।

भारत में बने 5,700 किलोग्राम के सबसे भारी इस सैटेलाइट को दक्षिण अमेरिका के फ्रेंच गुयाना के कोरो से अंतरिक्ष में छोड़ा जाएगा। पहले इस सैटेलाइट को 25 मई को छोड़े जाने का कार्यक्रम था लेकिन अब इसे थोड़े समय के लिए टाल दिया गया है। इसरो ने सूचित किया है कि जीसैट-11 को अंतरिक्ष में छोड़ने की अगली तारीख जल्द घोषित की जाएगी। भारतीय संगठन ने इसके लिए कोई कारण स्पष्ट नहीं किया है। लेकिन सैटेलाइट छोड़ने वाली यूरोपीय एजेंसी एरियन स्पेस ने कहा है कि एरियन 5 की लांचिंग अतिरिक्त तकनीक परीक्षण के चलते टाली गई है।

एरियन 5 के जरिये ही भारतीय सैटेलाइट को अंतरिक्ष में पहुंचाया जाएगा। एरियन स्पेस जीसैट-11 के साथ एजर स्पेस-2 नाम के एक अन्य सैटेलाइट को भी अंतरिक्ष में भेजेगा। यह भारत और इसके अधिकार वाले द्वीपों को कवर करते हुए यूजर को कम्युनिकेशन की बेहतर सुविधाएं देगा। इसरो के अनुसार जीसैट-11 व्यापक सुविधाएं देने वाला सैटेलाइट है। यह कू और का बैंड के अंतर्गत आने वाले कुल 40 गेटवे को अपनी सुविधाएं देगा। इससे देश की सुरक्षा ताकत बढ़ेगी, साथ ही आमजनों की कम्युनिकेशन सुविधाएं भी बढ़ेंगी।

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