कोर्ट की कार्यवाही का अब सीधा प्रसारण संभव

कोर्ट की कार्यवाही का अब सीधा प्रसारण संभव

सुप्रीम कोर्ट ने  अदालतों की कार्यवाही के सीधे प्रसारण और विडियो रेकॉर्डिंग की इजाजत दे दी। ऐसा संवैधानिक महत्व के मामलों में किया जाएगा। इसकी शुरुआत सुप्रीम कोर्ट से होगी। याचिकाकर्ताओं की गरिमा की रक्षा और लोगों के अधिकारों में संतुलन के लिए नियम बनाए जाएंगे। चीफ दीपक मिश्रा की बेंच ने टिप्पणी की कि कीटाणुओं को मारने के लिए सूरज की रोशनी सबसे अच्छा उपाय है। बेंच ने कहा कि कार्यवाही के सीधे प्रसारण से अदालतों के कामकाज में पारदर्शिता आएगी। इसके अलावा, जनता के जानने के अधिकार को भी बढ़ावा मिलेगा।

अयोध्या और एडल्टरी पर फैसले 

में नमाज पढ़ना इस्लाम का अभिन्न अंग नहीं है, 1994 के इस फैसले पर संविधान पीठ में फिर से विचार किया जाए या नहीं, इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट आज अपना फैसला सुनाएगा। अयोध्या की जमीन किसकी है, इस पर अभी सुनवाई की जानी है। सुप्रीम कोर्ट की बेंच हिंदू और मुस्लिम पक्षों की याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है। दोनों पक्षों ने 2010 के इलाहाबाद हाई कोर्ट के उस फैसले को अस्वीकार किया है, जिसमें विवादित जमीन को बांटने की बात की गई थी।

– IPC की धारा 497 (एडल्टरी) की संवैधानिकता पर भी सुप्रीम कोर्ट का फैसला आज आएगा, जिसमें शादीशुदा महिला के साथ संबंध बनाने पर गैर मर्द को सजा का प्रावधान है।

-चीफ जस्टिस पद पर रंजन गोगोई की नियुक्ति के खिलाफ याचिका खारिज

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