जीवन की कहानी – चंदन घोष

जीवन की कहानी – चंदन घोष

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एक साधारण आदमी, एक घर गृहस्थी वाला आदमी, एक नेता, एक संरक्षक! चंदन घोष का स्पष्ट रूप से यह मानना है कि उन्होंने जीवन भर जो कुछ भी प्राप्त किया है वह किसी बड़ी शक्ति के कारम ही किया है। इसी शक्ति ने उनकी हमेशा मदद की है इसलिए वे खुद को धन्य मानते हैं और लोगों को प्रशिक्षण देने, मार्गदर्शन करने और उन्हें सलाह देने में अपना सारा समय व्यतीत करते हैं। गुजरात के एक छोटे से शहर बलसार में जन्मे (आज वलसाड) और मुंबई में अपने प्रारंभिक वर्ष व्यतीत करके उन्होंने बंबई से ही स्कूली शिक्षा ग्रहण करके कॉलेज पूरा किया। उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग करने के बाद अपना कैरियर 20 साल की कच्ची उम्र से ही शुरू किया। वे एक मामूली पृष्ठभूमि से आए थे। उनके पिता एक डॉक्टर थे जो रेलवे में काम करते थे और माँ एक गृहिणी थी जिन्होंने अपना जीवन अपने बच्चों को संवारने में बिताया था, चंदन 3 अन्य भाई बहनों के साथ पले तथा बड़े हुए थे। चंदन वर्तमान में अपने परिवार जिसमें उनकी पत्नी, सोमाली घोष जो पिछले 30 वर्षों से उनकी सबसे बड़ी समर्थन रह चुकी है शामिल हैं के साथ गुड़गांव में रहते हैं। उनके बेटे प्रणब ने हाल ही में अंकिता से शादी की। प्रणब ने 2014 में अल्प संसाधनों के साथ चंदन के द्वारा शुरू किए गए नए स्टार्टअप उद्यम का पूरा चार्ज ले लिया है। इस उद्यम ने प्रति माह 5 करोड़ रुपए का कारोबार किया है और अभी भी बढ़ रहा है। चंदन ने जीवन भर विभिन्न कंपनियों में 37 साल से भी अधिक समय तक नवीन प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में वरिष्ठ नेतृत्व के स्तर पर काम किया है। चंदन निश्चित रूप से गैर व्यापारी स्वभाव के थे। उनका मानना था कि अगर वे कर्मचारी के तौर पर एक व्यापारी (उद्यमी) की तरह सम्मान के साथ रह सकते हैं तो क्यों वे किसी व्यापारी बनने का तनाव और मुसीबत लें। हालांकि, 2012 में जब वह 54 वर्ष के थे एक शांत एकान्त दोपहर में  उन्होंने महसूस किया कि पिछले इन वर्षों में उन्होंने जो सब कुछ सीखा है फिर वह बर्बादी हो जाएगा, अगर वे 58 साल की उम्र में नियम के अनुसार सेवानिवृत्त हो जाएँ तो। फिर उन्होंने एक उद्यमी बनने का फैसला लिया। उन्होंने अपनी योजना की घोषणा की, अपनी व्यक्तिगत सम्पत्ति में से कुछ बेचकर फंड उठाया। उनके सबसे भरोसेमंद प्रतिनिधि जो उसके साथ थे और पिछले 12 वर्षों से वफादार थे आगे आए और उनके शामिल होने की इच्था ज़ाहिर की। चंदन ने उनके प्रति कृतज्ञता ज़ाहिर करते हुए उन्हें व्यापार में बराबर की हिस्सेदारी की पेशकश की। उन्हें लगा कि ये दोनों युवा हैं और कड़ी मेहनत करके उनके उद्यम को आगे ले जाने में मदद करेंगे। हालांकि, यह उद्यमिता पर उनका सबसे पहले सबक का बीज था “ट्रस्ट नो वन” रिश्तों को सख्ती से व्यापारिक बनाएँ रखें। इन 2 सज्जनों ने उन्हें ठगा, उन्हें धोखा दिया और 4.5 करोड़ रूपयों के पूरे कारोबार का कोष हड़पकर भाग खड़े हुए। विश्वासघात के भावनात्मक हमले से वे अत्याधिक बिखर और टूट गए थे। जब उन्होंने हार मानकर व्यापार से सभी संबंध तोड़ने का फैसला किया और अपने घावों को सहला रहे थे तब सोमाली ने उन्हें नए सिरे से उद्यम शुरू करने की प्रेरणा दी और अपने ही दम पर जो कुछ भी संसाधन थे इसके साथ उद्यम  पुनः आरंभ करने को मजबूर किया। शायद ही कोई संसाधनों और केवल सोमाली व विशाल पांडे (बंबई से एक 21 साल के ताजा इंजीनियरिंग में स्नातक प्रशिक्षु जो उनके साथ शामिल हो गए) के नैतिक समर्थन के साथ उन्होंने अपनी योजनाओं बनाई। चूंकि, चंदन ने अपने पूरे कैरियर में केवल बड़ी परियोजनाओं पर काम किया था इसलिए वे अब एक छोटी सी दुकान चलाने में असमर्थ थे। उनकी परियोजना में उनकी ही तरह उच्च गति, उच्च वृद्धि और उच्च क्षमता अवश्य होना चाहिए। व्यावहारिक रूप से शून्य धन के साथ उन्होंने अपना कारोबार शुरू किया, उनकी पहली आमदनी 14 वीं अप्रैल 2014 को हुई  और दिसंबर 2015 तक उद्यम 5 करोड़ मासिक कमाई तक पहुँच गया। इस समय उद्यम में कर्मचारियों की संख्या 20 थी। चंदन नवीन प्रौद्योगिकी में विश्वास करते थे और अपने जीवन को तेजी से तूफान की तरह अग्रणी धार पर सवार होकर जीना पसंद करते थे। अपने कैरियर में 37 वर्षों के दौरान कर्मचारी के रूप में भी, हर 5 साल में वह अपनी नौकरी बदलते थे। हर वे अक ऐसी नई नौकरी में जाते थे जिसके बारे में वे अतीत में कुछ नहीं जानते थे और जब तक वह इस विषय में महारत हासिल कर लेते थे वे फिर अपनी नौकरी बदल लेते थे। वे उन्हें फ़ीनिक्स के रूप में जाना जाता है जो स्वयं को राख में नष्ट कर देता है और फिर हर 5 साल बाद पुनः अग्रसर होता है। 1980 में 20 साल की उम्र में भारत में रैंक जेरोक्स के वितरक ग्राफिक्स इंडिया में शामिल होने के बाद 21 साल की उम्र से ही वे दल के नेता बन गए। वे तेजी से सीखने वालों में से थे इसलिए जल्द ही समझ गए कि नेतृत्व का गुढ़ मंत्र है लोगों और उनकी सोच के बारे में समझना। पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने मानवीय रिश्तों और सोचा संबंधी नेतृत्व में महारत हासिल कर ली। 28 साल की उम्र तक चंदन एक बहुत ही प्रतिष्ठित प्रौद्योगिकी कंपनी में महाप्रबंधक बन गए और 31 साल की उम्र तक वे एक उपाध्यक्ष बने। लेकिन 45 साल की उम्र से पहले उन्होंने सी.ई.ओ बनने से मना कर दिया था क्योंकि उनका मानना था कि अत्याधिक तनाव और इस भूमिका में लंबे कार्यकाल के कारण उनकी उर्जा ख्म हो जाएगी, इसीलिए उन्होंने 40 साल की उम्र में अपने कैरियर को उन्नत बनाने के लिए ट्रैक बदलकर ब्रिटिश टेलीकॉम में शामिल हुए। यहाँ उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार, इंटरनेट, उपग्रह दूरसंचार और समुद्री केबल प्रणाली सीखा और ये सभी उन दिनों नए और अनसुने विषय थे। चंदन ने अपने 37 वर्षों के केरियर में जो रिश्तों का नेटवर्क बनाया और जो प्रसिद्धि हासिल की वह बेजोर है। इसका मूल्य कई अरब डॉलरों से भी अधिक है। लेकिन अपने जीवन के उतार चढ़ाव में उन्हें जब कभी भी पैसों की ज़रूरत पड़ी उन्होंने अपने किसी भी दोस्त या सगे संबंधी से एहसान लेने से साफ मना कर दिया। चंदन अतीत में अपने दोस्तों से मिले समर्थन और प्रशंसा के लिए आभारी हैं। उन्होंने युवाओं का भविष्य संवारने में अपना महत्वपूर्ण समय, पैसे और संसाधनों खर्च किए हैं। उन्होंने मनाना केयर फाउंडेशन” नाम से एक ट्रस्ट की स्थापना की है जो उनकी क्षमता के अनुरूप समाज और दुनिया के प्रति आभार को लौटाने का एक ज़रिया है। यह संस्था उनकी पत्नी और जीवन साथी सोमाली के द्वारा चलाया जाता है। सभी आकांक्षाओं को तभी पूरा किया जा सकता है अगर हम एक लाभदायक व्यवसाय करते हैं जिसके लिए वे ग्रुपो मनाना के तहत अपने व्यावसायिक इकाइयों को उपदेश देते हैं। मनाना  इनोवेशन प्राइवेट लिमिटेड और टच-प्वाइंट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड समूह की प्रौद्योगिकी कंपनियाँ हैं। ये उपभोक्ताओं और ग्राहकों के लिए उत्पादों और सेवाओं का वितरण करती हैं। जिन उद्योगों की कंपनियों है उनकी बाजार की क्षमता सिर्फ भारत में किए गए अपने कारोबार और डिजिटल इंडिया पहल का समर्थन करने के लिए लक्षित कारोबार से बहु अरब डॉलर है। मानव संसाधन व्यापार इकाई में ग्रुपो मनाना एक बेशकीमती संपत्ति है। चंदन ने वादा किया है कि वे कभी हार नहीं मानेंगे और उसके अंत तक अपने लोगों के साथ काम करेंगे।

विशेष साक्षात्कार

chandanghoshlifestoryप्रश्न 1) क्या आप हमारे साथ यह बात शेयर कर सकते हैं कि नया है आपकी कंपनी आज कल किस परियोजना पर काम कर रही है?

उत्तर 1) हमारी कंपनी एक निरंतर विकसित होने वाली इकाई है और भविष्य के लिए हमारी दृष्टि व्यापक है जिसे हम धीरे धीरे कई चरणों में प्राप्त करेंगे। हम कई तकनीकी परियोजनाओं पर काम कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य है, मिशन और दृष्टि बाधाओं को तोड़कर पुलों का निर्माणकरना है और यह हम इसलिए कर रहें है कि क्योंकि हम न्युनानुपालित और अननुपालित की सेवा करना चाहते हैं। जब हम ऐसा कहते हैं तब यह व्यावहारिक रूप से पूरी  मैसलो  पदानुक्रम पिरामिड को ध्यान में रखते हुए कहते है क्योंकि हमेशा निचला स्तर हमेशा से ही असेवित रहा है और ऊपरी तबका हमेशा न्युनानुपालित रहा है। इसलिए ये दोनों ही किसी भी कंपनी के मुख्य निशाने रहे हैं क्योंकि वे सोचते हैं कि ये दोनों वर्ग सोने के अंडे देने वाली मुर्गी की तरह है जो उन्हें पैसे बनाने में मदद करेगी। मैंने पहले ही कहा है कि हमने दो कार्यक्षेत्रों के साथ शुरू किया है जिनमें अंतरराष्ट्रीय रोमिंग सिम शामिल है। यह हमने एक ग्लोबल रोमिंग कार्ड जो 190 देशों में से 135 देशों में मुफ्त इनकमिंग और वॉयस एस.एम.एस और डाटा का समर्थन करता है के साथ शुरू किया है। इसके अलावा हमने 25 अजीब देशों के विशिष्ट सिमों के पोर्टफोलियो का निर्माण किया है जो देश में सबसे अच्छे हैं इसलिए नहीं क्योंकि मैं ऐसा कर रहे हैं क्योंकि मैं दावा कर रहा हूँ बल्कि इसलिए क्योंकि मौजूदा रोमिंग सिम प्रदाताओं के कई हमसे थोक में खरीदकर अपने ग्राहकों को खुदरा कीमतों पर पेश करते हैं। जो कुछ भी हम सोचते हैं उसमें एक नयापन और नवाचार का स्वाद होना चाहिएहमने सिम कार्ड बेचने की प्रक्रिया को एक मोड़ दे दिया है। हम प्रत्येक सिम कार्ड के साथ एक  मनाना टॉक  का खाता देते हैं जो एक ऐसा एपलिकेशन है जिसका इस्तेमाल किसी भी जी.एस.एम ऑपरेटर द्वारा प्रदान किए गए दर से सस्ते में अंतरराष्ट्रीय कॉल करने के लिए किया जा सकता है। बचत सामान्य कॉल दर की तुलना में 85% से अधिक की है।

प्रश्न 2.) आपके काम का सबसे पुरस्कृत हिस्सा क्या है?

उत्तर 2) मैंने बाहरी धन या निवेशकों के बिना ही एक स्टार्टअप के रूप में अपना उद्यम शुरू किया है। इसलिए हमेशा ही मेरे कोष के लिए पैसों की कमी रही है और मैंने एक बूटस्ट्रैप बजट पर काम किया है। हमने अपना कारोबार कॉलेज के ताजा उत्तीर्ण युवकों के साथ शुरू किया था संभवतः जिनके पास नौकरी भी नहीं थी इसलिए जब वे मेरे साथ शामिल हुए उनके पास खोने के लिए कुछ भी नहीं था। दूसरी श्रेणी में वे लोग शामिल थे जिनके पास हमारे आपरेशन के प्रारंभिक वर्षों में नौकरी नहीं थी, अब जाकर हम पेशेवरों को नियुक्त करना शुरू किया हैं जिन्हें उनके मौजूदा नौकरियों की तुलना में अधिक तनख्वाह दी जा रही है। अतः इसका उल्लेख करके हम वास्तव में लोगों को सही तरह से तैयार कर रहे हैं जिन्हें उद्योग के बारे में किसी भी प्रकार का अनुभव नहीं था। जो भी हो, मैं इस बात पर गर्व महसूस करता हूँ और इस बारे में सोचटे हुए मुझे अच्छा लगता है। दूसरे, हर दिन हममें कोई न कोई परिवर्तन होता है और हमने जो योजना बनाई थी उस तरफ हम आगे बढ़ते हैं। हमारी टीम को इस बात का गर्व है कि हमने जो योजना बनाई थी उस दिशा में हम अग्रसर हो रहे हैं।

प्रश्न 3.) आपको कौन सा पहलू सबसे चुनौतीपूर्ण लगता है?

उत्तर 3) मैंने बड़े संगठनों में वरिष्ठ रैंकों में एक कार्यकारी के तौर पर किया है मैंने हमेशा सोचा था कि एक उद्यम चलाना बहुत आसान है। सब कुछ आसानी से हो जाता था और सैकड़ों टीम के सदस्य बैकएंड से मुझे समर्थन देते थे और मेरे और हमारी कंपनी की उपलब्धियों की रीढ़ की हड्डी रहे हैं। यहाँ मैं इस सत्य से अपरिचित था कि सब कुछ मेरी ज़िम्मेदारी होगी चाहे मुझे उस विषय में कुशलता या शिक्षा प्राप्त हो या न हो। यही सबसे बड़ी चुनौती थी, जब कभी भी मुझे कभी भी अज्ञानता के साथ काम का सामना करना पड़ा था। धीरे धीरे लेकिन निश्चित रूप से मैंने और मेरी पूरी टीम ने वे सभी चीजें सीखी हमने पहले कभी नहीं की थी और हम कानून के सही पक्ष में हैं, सरकार। यहां तक कि जब हम गलत भी हो गए, हमने कोई बड़ा नुकसान होने से पहले ही अपनी त्रुटियों को सुधार लिया। इसलिए हमारी अपनी सीमाएं हैंहमने अच्छे दिन और बुरे दिन दोनों ही देखें हैं। यहाँ तक कि हमने अपने बुरे दिनों को भी अपने पक्ष में परिवर्तित कर दिया क्योंकि हमने उनसे कुछ सीखा।

प्रश्न 4) आप तनाव कम करने और आराम करने के लिए क्या करते हो?

उत्तर 4) ओह, मेरे पास आराम फरमाने और खुद को तरोजाज़ा करने के लिए बहुत सारी चीजें हैं। मैं एक ऐसा व्यक्ति हूँ जो काम इसलिए करता है क्योंकि काम करना पड़ता है। लेकिन जीवन जीना हर क्षण एक उत्सव की तरह है। मैं अपने जीवन का हर क्षण दोस्तों और परिवार के साथ बीताना चाहता हूँ। हम जश्न मनाते हैं, हम खाते हैं। मैं बहुत खाता हूँ, हम खरीदारी करना पसंद करते हैं। मुझे कारों से प्यार है, मैं मोटरसाइकिलों को भी पसंद करता हूँमुझे सैर सपाटा अच्छा लगता है और फोटोग्राफी से भी प्यार है। मुझे लोगों से मिलना, युवाओं को सलाह देना अच्छा लगता है और मैं दोस्त बनाना भी पसंद करता हूँ। सूची इतनी लम्बी है कि पूरे दिन में भी खत्म न होगी। मुझे  आराम करने के लिए अलग से समय निकालने की जरूरत नहीं है, मैं हमेशा ही आराम से रहता हूँ।

प्रश्न 5) हमें इस उद्योग में अब तक आपकी यात्रा की कुछ यादगार घटनाओं बारे में बताएं?

उत्तर  5) इस उद्योग में अब तक का सफ़र यादगार रहा। इस उद्योग ने मुझे 25 साल पहले गले लगाया था और यहाँ मैंने हर दिन सीखने का अनुभव किया। ग्लोबल टेलिसिस्टम से शुरू करके भारती एयरटेल लिमिटेड और उसके बाद एयरसेल। उसके बाद मैंने अपना उद्यम शुरू किया। यहाँ तक कि अपना खुद का उद्यम शुरू करने से पहले मुझे सबसे ज़्य़ादा सीखना पड़ा। यह वह समय था जब मेरे उन दो सबसे भरोसेमंद प्रतिनिधियों द्वारा मैं आथिक रूप से ठगा गया जिन पर मैंने अपने बेटे से भी भरोसा किया था। जिन दोनों को मैंने सब कुछ सीखाया था उन्हीं दोनों ने मेरा पूरा निवेश छीन लिया था।। इसके बावजूद हमने शुरू और आज हम जश्न मनाने के लिए सक्षम हैं। अतः अगर सबसे यादगार घटना का उल्लेख करना हो तो मेरा बी.टी में शामि होना एक यादगार घटना है। यह यादगार स्मृति इसलिए है क्योंकि इसने मुझे सीखने का एक नया मौका दिया था। एयरटेल में शामिल होना भी उल्लेखनीय घटना है क्योंकि पहली बार मैं एक आई.एल.डी व्यापार सेट अप अपने दम पर शुरू करने जा रहा था। उसे कुछ नहीं से अरब डॉलर के व्यापार तक पहुँचाना एक बड़ी बात थी। मुझे लगा कि एक बार की सफलता भाग्यवश भी प्राप्त हो सकती है इसले अपने आप को दुबारा सक्षम साबित करने के लिए मैंने फिर से एयरसेल में वही दोहराया। इससे मुझे विश्व में उस व्यक्ति की पहचान मिली जो अपने बल बुते पर दो दो कंपनियों को कुछ नहीं से सफलता के शीर्ष तक पहुँचाने की क्षमता रखता हो।

मैं रिटायर होकर बेकार घुमना नहीं चाहता था इसलिए मैंने एक उद्यमी बनकर अपनी रचना का पोषण करने का रास्ते चुना। मैंने अपनी सेवानिवृत्ति की आयु से पहले 54 साल की उम्र में कर्मचारी के रूप में एक सक्रिय सेवा छोड़ने का फैसला किया। मैं इस साल 58 साल की उम्र में सेवानिवृत्त होता पर अपने स्वयं के उद्यम में काम कर रहा हूँ, टीम को सलाह दे रहा हूँ, दोस्तों की मंडली के साथ नेटवर्किंग कर रहा हूँ और विभिन्न उद्योग और संगठनों के साथ नजदीकियाँ बढ़ा रहा हूँ और मैं पूरी तरह से सक्रिय हूँ, इसलिए मेरे जीवन का हर पल यादगार है।

प्रश्न 6) वर्तमान में दूरसंचार और ब्रॉडबैंड उद्योग में क्या क्या चुनौतियां हैं?

उत्तर 6) उद्योग के नेताओं के द्वारा चुनौतियों का अच्छी तरह से सामना किया जाता है।  हमें 2002-03 में इसी तरह की स्थिति का सामना करना पड़ा है जब बाज़ार में कई प्रतियोगी एक दूसरे का गला घोंट को तैयार थे और कोई भी अच्छी तरह से कारोबार नहीं कर सक रहे थे। फिर वर्ष 2013-14 के बाद से 2 जी और 3 जी का हाथ पकड़कर कई ऑपरेटर आए जिनमें से कुछ के पास मुट्ठी भर क्षेत्र ही था। यह एक बहुत ही बिखरा हुआ और खंडों में विभाजित बाजार था जिसे समेकित करने की जरूरत थी। हर कोई ऋण ग्रस्त था और जहाँ कुछ कंपनियाँ अच्छी तरह से काम कर रहीं थी वहीं दूसरी ओर कुछ ऐसी भी थी जो अपना अस्तित्व बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रहीं थी। अब जब कि वह समेकन शुरू हो गया है, मेरी बहुत ही निजी राय में केवल 4 बड़े ऑपरेटर ही होंगे और अन्य केवल इन ऑपरेटरों के हिस्से ही होंगे। इनमें से कोई भी बंद नहीं होगा पर समेकन की प्रक्रिया में कई लोग अपनी नौकरी खो देंगे और दुर्भाग्य से केवल सबसे अच्छे ही रह जाएँगे।

प्रश्न 7) भारत सरकार के डिजिटल इंडिया इनिशिएटिव में आप अपनी कंपनी की क्या भूमिका देखते हैं और आप इस महान अवसर का लाभ कैसे लेने की योजना बना रहे हैं?

उत्तर 7) मेरी कंपनी बड़े सपनों के साथ एक बहुत ही छोटी सी कंपनी है। मेरे संपूर्ण जीवन में मैं केवल स्टार्ट अप में शामिल हुआ हूँ और उन्हें ऊँचाई के शीर्ष स्तरों तक ले जाने में सक्षम हुआ हूँ। इसलिए मैं चुनौती के आकार से भयभीत नहीं होता हूँ न ही ये चुनौतियाँ मुझे परेशान करती हैं। मैंने जो कुछ भी कहा उसका उल्लेख करने के बाद, डिजिटल इंडिया और मेकिंग इंडिया दो आकांक्षाएँ हैं जो हमारी कंपनी जीती है। डिजिटल भारत पहल के तहत हम कई उत्पाद, सेवाएँ और नवाचार शुरू कर रहे हैं जो वास्तव में लागत कम कर रहे हैं। युवा उत्साही टेक्नोक्रेट की मेरी टीम इस पर काम कर रही है और हम ऊपरोक्त सेवाओं और उत्पादों को सक्षम करने के लिए उत्पादों का करेंगे। उस के तहत हम युवाओं के कौशल का विकास कर रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों की सेवा के लिए नवागत युवाओं को प्रशिक्षण दे रहे हैं। इस विषय में मेरी सच्ची और ईमानदार राय यह है कि जो रास्ता हमने एम.आई.आई  डी.आई और एस.के.आई के लिए ले लिया है वही राष्ट्र को अत्यंत शक्तिशाली बनाएगा क्योंकि ज्ञान, जानकारी और बुद्धिमत्ता हर उस व्यक्ति की उँगलियों पर होगा जो स्मार्टफोन और कंप्यूटर और जुड़े उपकरणों का उपयोग करना सीख जाएगा। इससे जीवन को नई दिशा मिलेगी। अतः आई.ओ.टी और मशीन से मशीन का भविष्य में सब कुछ पर नियंत्रण होगा और हम उस विशेष विकास के ठीक बीच में बैठे हैं।