केबल टीवी महंगा क्यों हुआ

केबल टीवी महंगा क्यों हुआ

देश की जनता को पिछले 25 सालों से लोकल केबल आपरेटर्स द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सस्ते मनोरंजन केबल टीवी की सेवाओं में आखिर 2014 डैस लागू होने के बाद अचानक 200 प्रतिशत की महंगाई कैसे हुई । देश के केबल टीवी उपभोक्ताओ और औसतन एक लाख पच्चीस हजार से ज्यादा छोटे छोटे केबल आपरेटर्स के हित में इन्ही बिंदुओं पर चर्चा करने के उद्देश्य से अलयान्स ऑफ केबल टीवी एन्ड ब्रॉड बैंड आपरेटर्स संस्था के प्रतिनिधि दिनांक 14 फरवरी 2017 को टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी के अधिकारियों से मिलने पहुंचे और उनके समक्ष उपभोक्ताओं एवं एलसीओ की तमाम समस्याएं रखीं लेकिन इस महत्त्वपूर्ण विषय पर ट्राई अधिकारियों का उदासीन रवैया देखकर बहुत हैरानी हुई ।

जहां एक तरफ एक लाख पच्चीस हजार से ज्यादा रजिस्टर्ड अन रजिस्टर्ड लोकल केबल आपरेटर्स और उनसे जुड़े लगभग साढ़े सात लाख उनके कर्मचारी बेरोजगार हो रहे है तथा उनके परिवारों के लगभग पच्चीस लाख सदस्यों की रोजी रोटी छिनती जा रही है वहीं टेलीकॉम रेगलेुटरी अथॉरिटी के अधिकारी मुट्ठीभर ब्रॉडकास्टर्स  डीटीएच आपरेटर्स एवं एमएसओ के हित में डैस कानून में नित नये नियम जोड़ने में व्यस्त है जिससे ज्यादा से ज्यादा इन उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाया जा सके इन उधोगपतियों के हितों को ध्यान में रखते हुए पिछली सरकार द्वारा पारित किए गये डैस कानून में वर्तमान सरकार से बदलाव या डैस क़ानून को निरस्त किये जाने की उम्मीद लिए बैठे लाखों लोकल केबल आपरेटर्स और देश के करोड़ो उपभोक्ताओ को कोई राहत नही मिली आखिर क्यों सरकार देश की जनता की पहुंच से एकमात्र सस्ता मनोरंजन का साधन केबल टीवी भी दूर करना चाहती है देश के उपभोक्ताओ को इसपर गम्भीरता से सोचना चाहिए अन्यथा बहुत जल्दी ही बड़े पैमाने पर उन पर और अधिक आर्थिक दबाव बढेगा ।
धन्यवाद

अलायन्स ऑफ केबल टीवी एन्ड ब्रॉड बैंड आपरेटर्स

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